13 thoughts on “Lauta Raha Hu Priye Tumhara Prem Tumko…By Abhinav Raj || Literature अड्डा

  1. कभी अपने हाथों से तुझे गुलाल नहीं लगाऊंगा 👏👏👏👏👏

  2. इक चेहरे पर उम्र गुज़ारी नहीं करूंगा ।।❤❤ जियो भाई

  3. बहुत ख़ूबसूरत भाई….. क्या कहने बहुत उम्दा….💐💐💐💐

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